Friday, July 11, 2025

आशुतोष शंकरा : नीलम सगोरिया जी

आशुतोष शंकरा नमामि देव शंकरा
शिव समाए सृष्टि में सूक्ष्म रूप
कंकरा
तुमआकाश , तुम पाताल
हो विशाल शंकरा
आशुतोष शंकरा नमामि देव शंकरा

बारह ज्योतिर्लिंग विराजे
माथे चन्द्रमा उज्जवल साजे
जटाशीश गंग , सर्प माल गले अंकरा
आशुतोष शंकरा नमामि देव शंकरा

नंदी की सवारी त्रिशूल कर धारे  
त्रिपुंड धारी, रुदाक्ष माला पहने
भस्म रमाए, धारे बाघ अंबरा
आशुतोष शंकरा नमामि देव शंकरा

जय हो जय हो शंकरा
नमामि देव शंकरा
कैलाश वासी शंकरा
रुद्र देव शंकरा

मौलिक स्वरचित
© नीलम सगोरिया

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आशुतोष शंकरा नमामि देव शंकरा शिव समाए सृष्टि में सूक्ष्म रूप कंकरा तुमआकाश , तुम पाताल हो विशाल शंकरा आशुतोष शंकरा नमामि देव शंकरा बारह ज्य...