मैं भी कलमकार दैनिक क्रिया कलाप
दिनांक 11/07/2025
दिन: शुक्रवार
क्रिया कलाप: शिव काव्य अभिषेकं
शैली: पद्य
शीर्षक: शिव आराधना
************************************
शिव शंकर डमरू वाले हम भक्त तुम्हारे
लो हम तो आ गए अब शरण में तुम्हारे
शिव शंकर हम भक्त तुम्हारे।
मुफलिस गरीब हम हैं औकात क्या हमारी
आन पड़ी है हम पर आज विपदा भारी
मझधार में फंसे हैं मिलते नहीं किनारे
शिव शंकर हम भक्त तुम्हारे।
तेरी दया से चलती है दुनिया सारी
इक तुम ही हो दाता सारा जग है भिखारी
हम पर दया जो कर दो
बन जाए बिगड़ी हमारी।
शिव शंकर हम भक्त तुम्हारे बेआस-बेसहारे
लो हम तो आ गए अब शरण में तुम्हारे
शिव शंकर हम भक्त तुम्हारे।
दर से न तेरे लौटा कोई लेकर झोली खाली
हम पर दया जो कर दो बन जाए बिगड़ी हमारी
विनती मेरी भी सुन लो बस इतनी अरज हमारी
दर पर तेरे खड़ा हूं लेकर झोली खाली
झोली मेरी भी भर दो हे त्रिनेत्र धारी।
स्वरचित मौलिक रचना
रचनाकार-सुनील कुमार
जिला- बहराइच ,उत्तर प्रदेश।
मोबाइल नंबर 6388172360
No comments:
Post a Comment