शिव की भक्ति में ।
शक्ति मिलती है।
जीवन चलता शांति से।
खुशी मिलती है।।
सावन के महीने में ।
अवतरित होते हैं विश्वनाथ।
करते है सवारी ।
मृत्यु लोक की भोलेनाथ ।।
इसीलिए अभिषेक।
करते हैं भक्त ।
खुशी देते हैं वो।
अच्छा रहता है वक्त।।
शिव कितने भोले।
खुश होते शीघ्र।
देते हैं वरदान ।
पूजा से तीव्र ।।
शिव सा नहीं है।
कोई भी दूजा।
मैं उनकी करूं ।
रोज ही पूजा।।
आज कर रहा हूं।
शब्दों में अभिषेक।
भगवान शिव दें ।
ज्ञान और विवेक।।
मैं करता हूं वंदन।
मन और कर्म से।
राम है समर्पित।
लेखनी हो धर्म से।।
राम प्रकाश गहोई
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