सत्यम,शिवम,सुंदरम वाले।
नीलकंठ भोले
मतवाले।।ध्रू।।
शिष् जटा गंगाधर सुंदर।
करत्रिशूल श्रीकंठ सुधाकर।
अंग मसान विभूति
वाले।।१।।
गर्दन सुंदर नील शिरोमणि। विश धरशोभा गले मुकुतामनि। मृगआसन कटी,घंटी
वाले।।२।।
समुद्र मंथन गरल पान शिव। नीलकंठ श्रीकंठ भये शिव।
त्रिनेत्र धारी नंदी
वाले।।३।।
गौरी संगमें पूजा सावन।
महादेव विकराल संग गण।
पिशाच विजय भूत
वाले।।४।।
नीलकंठ भोले*******
रचना_प,विजय डांगे,नागपुर
महाराष्ट्र
No comments:
Post a Comment